स्वामी विवेकानंद

“आध्यात्म – विद्या, भारतीय दर्शन एवं धर्म के बिना विश्व अनाथ हो जाएगा ।” इस प्रकार की दृढ़ भावना रखने वाला परतंत्र भारत का ही

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महावीर

महावीर स्वामी का अवतरण  देश की धार्मिकता कर्मकांड की प्रबलता से विकृत्त थी । पशुओ और नर पुत्रों के रक्त से यज्ञमें आहुतिया दी जाती थी । देव

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