छायावाद

द्विवेदी युग के पश्चात हिंदी साहित्य में जो कविता धारा प्रवाहित हुई, वह छायावादी कविता के नाम से प्रसिद्ध हुई। वस्तुतः छायावाद इस युग के

Read More
बुल्लेशाह

पाच दरियाओं ( नदियों) के प्रवाहों से सींची गई पंजाब की मिट्टी में जनमे, विश्वविख्यात सूफी संत बुल्लेशाह धार्मिक जड़ता और पाखंड के कट्टर विरोधी

Read More

रामकृष्ण परमहंस बचपन में गदाधर कहलाए इस बालक का जन्म 18 फरवरी, 1836 को बंगाल प्रांत के एक छोटे से गाँव कुमारपुकुर में एक ब्राह्मण

Read More
अरविंद

नियति स्वयं मानवजाति के भाग्य का इतिहास लिखती है । इस कथन पर यों तो पूरे भारत में विश्वास करनेवाले अधिकांश लोग मिल जाएँगे, किंतु

Read More
नामदेव

निर्गुण संतों में अग्रिम संत नामदेव वस्तुतः उत्तर भारत की संत – परंपरा के प्रवर्तक माने जाते हैं । मराठी संत – परंपरा में तो

Read More
error: Content is protected !!